आजकल की लाइफस्टाइल और लगातार एक ही पोजिशन में काम करने की आदतों ने गर्दन और रीढ़ से जुड़ी कई समस्याओं को जन्म दिया है। इन्हीं में से एक है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस। यह गर्दन की हड्डियों और डिस्क में होने वाली एक प्रकार की डिजेनेरेटिव बीमारी है, जो समय के साथ दर्द, जकड़न और अन्य जटिल लक्षणों का कारण बन सकती है।
क्या है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस?
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से यानी गर्दन में होने वाली सूजन या घिसाव की स्थिति है। इसमें गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव, नसों पर दबाव और हड्डियों में सूजन की समस्या हो सकती है।
मुख्य लक्षण
- गर्दन में लगातार दर्द या जकड़न
- सुबह उठने पर गर्दन हिलाने में परेशानी
- लंबे समय तक एक पोजिशन में बैठने पर दर्द बढ़ना
- कंधों और बाजुओं में दर्द या कमजोरी
- नसों पर दबाव पड़ने के कारण दर्द कंधों, बाजुओं और यहां तक कि हाथों तक फैल सकता है
- सिरदर्द और चक्कर आना
- खासकर गर्दन की मूवमेंट के साथ सिरदर्द महसूस होना
- उंगलियों में झनझनाहट या सुन्नपन
- यह संकेत हो सकता है कि नसों पर गंभीर दबाव है
- ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या थकावट महसूस होना
संभावित कारण
- लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल
- गलत पोस्चर में सोना या बैठना
- भारी वजन उठाना
- उम्र के साथ हड्डियों में होने वाले बदलाव
- पुराने समय से चली आ रही गर्दन की चोट या तनाव
राहत के उपाय
- सही पोस्चर अपनाएं
- काम करते समय गर्दन और पीठ को सीधा रखें
- मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन आंखों के समांतर रखें
- गर्दन के लिए हल्की एक्सरसाइज़
- डॉक्टर की सलाह से स्ट्रेचिंग और रेंज-ऑफ-मोशन एक्सरसाइज़ करें
- योग भी सहायक हो सकता है, जैसे भुजंगासन और मरजरीआसन
- गर्म सिकाई या ठंडी पट्टी का उपयोग
- मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद मिलती है
- दर्द निवारक दवाएं (डॉक्टर की सलाह से)
- कभी-कभी दर्द ज्यादा होने पर दवा या फिजियोथेरेपी की आवश्यकता हो सकती है
- लंबे समय तक एक जगह बैठे न रहें
- हर 30-40 मिनट में हल्का चलना या स्ट्रेच करना फायदेमंद रहता है
- सही तकिया और गद्दे का इस्तेमाल करें
- गर्दन को सही सपोर्ट देने वाले तकिए का इस्तेमाल करें
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर दर्द लगातार बना रहे, हाथ-पैर में कमजोरी महसूस हो, या दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव पड़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। MRI या X-ray की मदद से इसकी पुष्टि की जा सकती है।
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एक आम लेकिन नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है, जिसे सही जानकारी, दिनचर्या में बदलाव और नियमित एक्सरसाइज़ से नियंत्रित किया जा सकता है। अगर समय रहते इसके लक्षणों को पहचाना जाए और उचित उपाय किए जाएं, तो लंबे समय तक इससे राहत पाना संभव है।