क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ी अपने विकेट या शतक का जश्न अनोखे अंदाज में मनाते हैं। लेकिन, कभी-कभी यह जश्न उन्हें महंगा भी पड़ सकता है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा गेंदबाज दिग्वेश राठी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
1 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में दिग्वेश राठी ने ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ किया, जो उन्हें भारी पड़ गया। IPL ने इसे नियमों का उल्लंघन माना और उन पर 25% मैच फीस का जुर्माना लगा दिया। इसके अलावा, उनके खाते में 1 डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ क्या है और इसे करने पर जुर्माना क्यों लगा? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
कैसे हुई गलती और कब हुआ ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’?
यह घटना पंजाब किंग्स की पारी के तीसरे ओवर में हुई। इस ओवर की 5वीं गेंद पर दिग्वेश राठी ने प्रशांत आर्या को आउट किया। शार्दुल ठाकुर ने कैच लपका और जैसे ही विकेट गिरा, राठी ने ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ करते हुए प्रशांत को पवेलियन की ओर इशारा किया।
यही गलती उनके लिए भारी पड़ गई!
मैच के बाद IPL मैच रेफरी ने इसे नियमों का उल्लंघन करार दिया और दिग्वेश पर लेवल 1 का दोषी मानते हुए 25% मैच फीस का जुर्माना ठोक दिया।
क्या होता है ‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ और क्यों हुआ विवाद?
‘नोटबुक सेलिब्रेशन’ को पहली बार वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शेल्डन कॉट्रेल ने मशहूर किया था। इसमें खिलाड़ी काल्पनिक रूप से एक नोटबुक निकालता है और उसमें कुछ लिखता हुआ दिखता है, मानो आउट होने वाले बल्लेबाज का नाम दर्ज कर रहा हो।
लेकिन IPL के आचार संहिता के मुताबिक, इस तरह का जश्न आक्रामक माना जाता है और यह विरोधी टीम के खिलाड़ियों को उकसाने के रूप में देखा जा सकता है।
कैसा रहा दिग्वेश राठी का प्रदर्शन?
हालांकि, इस विवाद के बावजूद दिग्वेश राठी LSG के लिए सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट झटके।
पहला विकेट: प्रशांत आर्या (8 रन)
दूसरा विकेट: प्रभसिमरन सिंह (69 रन) – जिन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ 84 रनों की साझेदारी की थी।
LSG के बाकी गेंदबाजों को कोई सफलता नहीं मिली और पंजाब ने 172 रन का लक्ष्य महज 22 गेंद शेष रहते ही चेज कर लिया।
निष्कर्ष: IPL में नियमों का पालन जरूरी!
क्रिकेट में अनोखे सेलिब्रेशन का दौर जारी है, लेकिन IPL के नियमों के मुताबिक, किसी भी तरह का उकसाने वाला जश्न मंजूर नहीं है। दिग्वेश राठी को यह गलती महंगी पड़ी और आगे उन्हें इस तरह के जश्न से बचना होगा।
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