चीन और ताइवान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने मंगलवार को ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। इस अभ्यास में नौसेना, वायुसेना, रॉकेट फोर्स और जमीनी सेना शामिल हैं। चीन ने इस सैन्य कार्रवाई को ताइवान की स्वतंत्रता की ओर बढ़ते कदमों के खिलाफ “कड़ी चेतावनी” करार दिया है। यह अभ्यास बिना किसी पूर्व सूचना के शुरू किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है।
चीन की सख्त चेतावनी
PLA के ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता शी यी ने कहा कि यह युद्धाभ्यास ताइवान की स्वतंत्रता को रोकने के लिए एक सख्त संदेश है। चीन लंबे समय से ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है और जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक कब्जा करने की धमकी देता रहा है। वहीं, ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतंत्र मानता है और चीन के इस रवैये का विरोध करता रहा है।
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने इस सैन्य कार्रवाई को “खुली सैन्य उकसावे की कार्रवाई” बताते हुए कहा कि यह केवल ताइवान स्ट्रेट ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकता है।
PLA का समुद्री और हवाई ताकत का प्रदर्शन
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक चीन के 19 नौसैनिक जहाज ताइवान के चारों ओर देखे गए। इसके अलावा, चीन के शानडोंग एयरक्राफ्ट कैरियर समूह ने ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया।
हाल के वर्षों में चीन ने ताइवान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों की संख्या और पैमाने दोनों बढ़ा दिए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि यह युद्धाभ्यास ताइवान पर बड़े हमले की तैयारी का संकेत दे सकता है।
ताइवान के राष्ट्रपति लाई छिंग-ते पर हमला?
चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय ने इस सैन्य अभ्यास को ताइवान के राष्ट्रपति लाई छिंग-ते के खिलाफ कार्रवाई बताया है। चीन का आरोप है कि लाई छिंग-ते ताइवान की स्वतंत्रता के लिए लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं और चीन के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।
इससे पहले, चीनी सरकारी मीडिया ने एक वीडियो जारी कर लाई छिंग-ते को “हरे रंग के परजीवी” के रूप में दिखाया था, जो ताइवान को नुकसान पहुंचा रहा है।
फिलीपींस भी आया चपेट में!
चीन के इस सैन्य अभ्यास का असर फिलीपींस तक पहुंच चुका है। वहां के सैन्य प्रमुख जनरल रोमियो ब्रॉनर जूनियर ने कहा कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है, तो फिलीपींस को अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए तैयार रहना चाहिए।
गौरतलब है कि ताइवान में करीब 2.5 लाख फिलीपीन नागरिक काम करते हैं। अगर चीन हमला करता है, तो इन लोगों की सुरक्षा फिलीपींस सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
तनाव चरम पर, आगे क्या होगा?
चीन और ताइवान के बीच लगातार बढ़ता तनाव पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। अमेरिकी और पश्चिमी देश ताइवान का समर्थन कर रहे हैं, जिससे मामला और बिगड़ सकता है। अब देखना होगा कि क्या यह सिर्फ एक सैन्य अभ्यास है या चीन ताइवान पर कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
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