हरियाणा में सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस को निकाय चुनाव में बड़ा झटका लगा है। पहले विधानसभा चुनाव में करारी हार और अब शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह शून्य पर सिमट गई। वहीं, बीजेपी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका में ‘कमल’ खिलाने में सफलता पाई।
बीजेपी का दबदबा, कांग्रेस का सफाया!
हरियाणा के 38 शहरी निकाय क्षेत्रों में चुनाव हुए, जिनमें 10 नगर निगम, 5 नगर परिषद और 23 नगर पालिका क्षेत्र शामिल थे। बीजेपी ने 9 नगर निगमों में जीत दर्ज की, जबकि मानेसर नगर निगम पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुआ।
🔹 नगर परिषद चुनाव में भी बीजेपी का क्लीन स्वीप!
🔹 23 नगर पालिकाओं में से 14 पर बीजेपी ने चुनाव लड़ा और 8 पर जीत दर्ज की।
🔹 15 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जिनमें से कई बीजेपी समर्थित हैं।
कांग्रेस की गुटबाजी बनी हार की वजह!
कांग्रेस को मिली करारी हार की सबसे बड़ी वजह भीतरूनी गुटबाजी और निष्क्रियता रही।
1️⃣ वरिष्ठ नेता आपस में ही बंटे रहे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और कैप्टन अजय यादव चुनाव प्रचार में एकजुट नजर नहीं आए।
2️⃣ कांग्रेस उम्मीदवारों को पार्टी ने मझधार में छोड़ दिया।
3️⃣ निकाय चुनाव को हल्के में लिया गया। खुद भूपेंद्र हुड्डा ने स्वीकार किया कि वे इस चुनाव में ज्यादा सक्रिय नहीं थे।
4️⃣ बीजेपी ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के दम पर मजबूत पकड़ बनाई।
हरियाणा के कांग्रेस दिग्गज भी नहीं बचा सके अपना गढ़!
हरियाणा के सभी कांग्रेस नेताओं के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी बीजेपी ने जीत दर्ज की।
📍 रोहतक और सोनीपत – कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले इन इलाकों में भी बीजेपी का कब्जा!
📍 सिरसा और अंबाला – कुमारी सैलजा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया!
📍 गुरुग्राम और मानेसर – कैप्टन अजय यादव के प्रभाव वाले इलाकों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा!
क्या कांग्रेस लेगी सबक?
निकाय चुनाव में हार से यह साफ हो गया कि कांग्रेस संगठनात्मक तौर पर बेहद कमजोर हो चुकी है।
🚨 अगर कांग्रेस ने अब भी अपनी रणनीति में बदलाव नहीं किया, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बीजेपी का ट्रिपल इंजन मॉडल हरियाणा में हुआ मजबूत!
बीजेपी ने केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। पीएम मोदी, सीएम नायब सिंह सैनी और स्थानीय नेतृत्व के दम पर बीजेपी हरियाणा की राजनीति पर अपनी पकड़ बना रही है।
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