अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से हलचल मचा दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट करते हुए कहा, “कल की रात बहुत बड़ी होने वाली है।” इस पोस्ट के बाद पूरी दुनिया में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बदला लेने वाले हैं? या फिर वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर कोई नया बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं?
ट्रंप ने अपने पिछले प्रशासन की याद दिलाई
इस पोस्ट से ठीक एक घंटे पहले, ट्रंप ने एक और पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा,
“मैं एकमात्र राष्ट्रपति हूं जिसने यूक्रेन की कोई भी जमीन रूस को नहीं दी। जब कमजोर और अप्रभावी डेमोक्रेट मेरी आलोचना करते हैं, तो फेक न्यूज चैनल खुशी-खुशी उनकी हर बात को दिखाते हैं!”
ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलते हैं कि वे यूक्रेन को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता पर बड़ा फैसला ले सकते हैं।
यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य सहायता रद्द करने पर चर्चा!
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप जल्द ही एक बड़ी बैठक करने वाले हैं, जिसमें यूक्रेन को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता को रद्द करने या उसमें कटौती करने पर चर्चा होगी। इस बैठक में उनके सहयोगी, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी शामिल होंगे।
जेलेंस्की-ट्रंप की बैठक में हुई तीखी बहस!
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। यह मुलाकात व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई थी, लेकिन इस दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेलेंस्की ने एक महत्वपूर्ण समझौते पर साइन करने से इनकार कर दिया था, जिससे ट्रंप नाराज हो गए थे। इसके अलावा, जेलेंस्की ने रूस और पुतिन की तीखी आलोचना भी की थी।
जेलेंस्की को ब्रिटिश प्रधानमंत्री का समर्थन!
इस बैठक के बाद कई देशों ने जेलेंस्की का समर्थन किया, जिसमें ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर भी शामिल थे। स्टॉर्मर ने लंदन में जेलेंस्की से मुलाकात की और उन्हें ब्रिटेन का अटूट समर्थन देने की बात कही।
स्टॉर्मर ने जेलेंस्की से कहा,
“आपको पूरे ब्रिटेन का समर्थन प्राप्त है। हम आपके साथ खड़े हैं, चाहे युद्ध कितना भी लंबा क्यों न चले!”
अमेरिका-फ्रांस के साथ स्टॉर्मर की चर्चा!
ब्रिटेन से समर्थन मिलने के बाद, स्टॉर्मर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी बातचीत की। माना जा रहा है कि यूक्रेन संकट को लेकर आने वाले दिनों में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
अब सबकी नजरें ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वे अमेरिका की यूक्रेन नीति में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं? या फिर यह सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है? इसका जवाब जल्द ही सामने आएगा!
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