कैंसर एक घातक बीमारी है, जो समय रहते पहचानने पर ही इलाज संभव होता है। इस बीमारी की शुरुआत में कुछ संकेत दिखते हैं, जो मेडिकल जांच कराने के लिए प्रेरित करते हैं। हाल ही में एक नई रिसर्च में यह सामने आया है कि अब कोलन कैंसर की पहचान एक साधारण ब्लड टेस्ट से की जा सकती है। कोलन कैंसर, जिसे आंतों का कैंसर भी कहा जाता है, अब युवाओं में बढ़ते हुए मामलों के कारण एक गंभीर समस्या बन गया है। पहले इसे कोलोनोस्कोपी स्क्रीनींग के जरिए जांचा जाता था, लेकिन अब एक ब्लड टेस्ट से भी इसकी पुष्टि की जा सकती है। आइए जानते हैं इस नई रिसर्च के बारे में।
क्या कहती है रिसर्च?
यह रिसर्च अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर सिम्पोजियम में पेश की गई थी। इस रिसर्च में यह पाया गया कि ब्लड टेस्ट कोलन कैंसर की पहचान के लिए बहुत ही सुविधाजनक और फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, कोलोनोस्कोपी एक दर्दनाक और कठिन प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें मल की जांच की जाती है। इसके मुकाबले ब्लड टेस्ट कम असुविधाजनक और सुरक्षित माना गया है।
कैसे हुई पुष्टि?
इस परीक्षण में 81% लोगों में सही कोलन कैंसर का परिणाम सामने आया, जिसमें पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों परिणाम मिले। इस रिसर्च में 200 अलग-अलग स्थानों के लोगों को शामिल किया गया था। रिसर्च टीम का मानना है कि कोलोनोस्कोपी एक असुविधाजनक प्रक्रिया है, जिसमें आंतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और मरीज को एनेस्थेटाइजेशन से गुजरना पड़ता है। इस शोध में 45 से 85 वर्ष के बीच के लोग शामिल थे और उनका केवल खून का सैंपल लिया गया।
कोलन कैंसर के शुरुआती संकेत
मल में खून आना
मल त्याग करने में कठिनाई होना
पेट में दर्द होना
मल का पतला होना
अचानक वजन कम होना
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