दिल्ली चुनाव में कांग्रेस के जोरदार मुकाबले के दावे लगातार कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं। पार्टी के प्रमुख चेहरों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और आम आदमी पार्टी का प्रचार ज़ोरों पर है, वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन हिचकोले खाते दिख रहा है।
राहुल की तबीयत खराब, प्रियंका और खरगे की दूरी चर्चा में
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तबीयत खराब होने के कारण उनका प्रचार रद्द हो चुका है। इस बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी की प्रचार से दूरी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, सचिन पायलट जैसे अन्य वरिष्ठ नेता भी अब तक सक्रिय नहीं दिखे हैं। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस आलाकमान का यह रवैया महज एक संयोग है या किसी रणनीति का हिस्सा।
आप और कांग्रेस का अलग चुनाव लड़ने का फैसला
पिछले लोकसभा चुनाव में ‘आप’ और कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन 7-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस बार दोनों ने विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ने का फैसला किया। कांग्रेस की ओर से शुरू में अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ आक्रामक प्रचार की रणनीति बनाई गई। पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने केजरीवाल को “देशद्रोही” तक करार दिया।
हालांकि, कांग्रेस की रणनीति बार-बार बदलती दिखी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के कार्यक्रमों की योजना बनी, लेकिन राहुल की तबीयत खराब होने के कारण ये रैलियां रद्द कर दी गईं।
कांग्रेस के अंदर की उहापोह
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “इनको कांग्रेस की चिंता क्यों सता रही है? कांग्रेस दम से लड़ रही है और आगे भी लड़ेगी।” लेकिन सवाल यह है कि अगर राहुल गांधी प्रचार से बाहर हैं, तो खरगे, प्रियंका और अन्य नेता सक्रिय क्यों नहीं हैं?
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस दिल्ली को लेकर उलझन में है। अगर कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने के बाद केजरीवाल सत्ता में लौटते हैं, तो पार्टी की फजीहत हो सकती है। दूसरी तरफ, अगर कांग्रेस के वोट कटने से बीजेपी सत्ता में आती है, तो इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़ा होगा।
दिल्ली कांग्रेस का इंतजार
दिल्ली कांग्रेस भी आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि चुनाव के अंतिम सप्ताह में कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा।
AAP और BJP को ‘शोले’ का डायलॉग याद
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मजाकिया लहजे में कहा, “आप और बीजेपी दोनों को ‘शोले’ का गब्बर वाला डायलॉग याद आ रहा है। ये कांग्रेस से डर रहे हैं।”
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