पिछले कुछ वर्षों में ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर कम उम्र के बच्चे और युवा इस वायरस से संक्रमित हो रहे हैं, जिससे गला, टॉन्सिल और जीभ के कैंसर के मामलों में भी वृद्धि हुई है। एक अनुमान के अनुसार, 70 प्रतिशत ओरल कैंसर के मामले सिर्फ एचपीवी के कारण होते हैं। यह संक्रमण यौन संपर्क से फैलता है और इसके कारण पेनाइल कैंसर, गुदा कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में यह संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर और खतरनाक बीमारी का कारण भी बन सकता है।
HPV से संक्रमित होने का खतरा और बचाव
एचपीवी से संक्रमित होने का खतरा खासकर 20 साल से कम उम्र के लड़कों में अधिक होता है। ऐसे में इस संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी है। HPV वैक्सीन का उपयोग एचपीवी संक्रमण से बचने के लिए किया जा सकता है, जो इस वायरस के कारण होने वाले कैंसर के खतरे को कम कर देता है। यह टीका युवाओं और पुरुषों में एचपीवी संक्रमण से होने वाले कैंसर के खतरे को रोकने में कारगर है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को भी दी जा सकती है वैक्सीन
विशेषज्ञों का कहना है कि HPV संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीनेशन सबसे प्रभावी उपाय है। HPV वैक्सीन लगाने से 90% तक कैंसर के मामलों में कमी आ सकती है। यह टीका 9 से 14 साल की उम्र के बच्चों को लगाया जा सकता है, और यह स्कूल जाने वाले लड़के और लड़कियों को भी लगाया जा सकता है। यह वैक्सीनेशन बच्चों में एचपीवी संक्रमण के खतरे को कम कर देता है और यह पूरी तरह से बचाव के लिए होता है।
क्या HPV से सिर और गर्दन का कैंसर हो सकता है?
एचपीवी वायरस के कारण अब लड़कों और पुरुषों में ऑरोफरीन्जियल कैंसर (गला, टॉन्सिल और जीभ का कैंसर) के मामलों में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा, सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में भी इजाफा हुआ है। वहीं महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के भी लक्षण देखे जा रहे हैं। HPV केवल पेनाइल और ऑरोफरीन्जियल कैंसर का कारण नहीं है, बल्कि यह सिर और गर्दन के कैंसर का कारण भी बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 31% पेनाइल कैंसर HPV वायरस के कारण होते हैं, और यह सिर और गर्दन के कैंसर के जोखिम को भी बढ़ाता है।
HPV वैक्सीनेशन को बच्चों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बचाव उपाय माना जाता है, जो आने वाले समय में कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से बचाव कर सकता है।
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