संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को आतंकवाद के पीड़ितों और इस तरह की घटनाओं में बचे लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आतंकवाद के कृत्य ‘अकल्पनीय दुख की लहर’ पैदा करते हैं।
श्री गुटेरेस ने 21 अगस्त को प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले आतंकवाद के पीड़ितों की याद और श्रद्धांजलि के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित एक वर्चुअल उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में एक वीडियो संदेश में कहा, “आज हम आतंकवाद के पीड़ितों और इस तरह की घटनाओं में बचे लोगों को याद करते हैं और उनका सम्मान करते हैं।”
उन्होंने इस पर जोर देते हुए कि आतंकवाद के कृत्य ‘अकल्पनीय दुख की लहर’ पैदा करते हैं , कहा कि आतंकवादी कृत्यों से अलग हुए परिवार और समुदाय हमेशा के लिए बदल जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा, ‘दृश्य और अदृश्य दोनों तरह के घाव कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होते हैं।’ उन्होंने कहा कि पीड़ा और त्रासदी के बीच, ‘हमारी सामान्य मानवता के लचीलेपन और स्थायी शक्ति’ के कई उदाहरण सामने आये हैं।
श्री गुटेरेस ने इस वर्ष की थीम ‘शांति के लिए आवाज़ें: आतंकवाद के शिकार शांति के पैरोकार और शिक्षक के रूप में’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दूसरों को शिक्षित करने के लिए व्यक्तिगत आघात पर बात करना ‘बहुत साहस का कार्य है।’
उन्होंने आतंकवाद के सभी पीड़ितों और इससे बचे लोगों को श्रद्धांजलि दी जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने दृढ़ता और क्षमा के बारे में अपनी कहानियाँ साझा करना चुना है।
श्री गुटेरेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दिवस लोगों से सुनने और सीखने का आग्रह करता है और यह याद दिलाता है कि ‘हमें हमेशा आशा की रोशनी की तलाश करनी चाहिए।’
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2017 में एक प्रस्ताव पारित किया जिसके तहत 21 अगस्त को आतंकवाद के पीड़ितों की याद और श्रद्धांजलि के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में नामित किया गया था, ताकि आतंकवाद के पीड़ितों और इससे बचे लोगों को सम्मान और समर्थन दिया जा सके।
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