राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने शनिवार को कहा कि यदि आरक्षण से छेड़छाड़ का कोई प्रयास किया गया तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
राकांपा नेता ने राज्य के विदर्भ क्षेत्र के गोंदिया में कहा, “…ऐसी स्थिति में किसी पद पर बने रहने या राजनीति में बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने हमारे संविधान में आरक्षण दिया है। कोई भी उसमें छेड़छाड़ नहीं कर सकता या उसके मूल ढांचे को नहीं बदल सकता।”
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान, “लोग इस झूठी कहानी के शिकार हो गए कि संविधान बदल दिया जाएगा और आरक्षण खत्म हो जाएगा।” उन्होंने कहा, “लेकिन अब लोगों को एहसास हो गया है। हमारे जैसे कई लोग जो संसद में बैठकर संविधान की शपथ ले रहे हैं, वे ऐसा नहीं होने देंगे।”
मराठा आरक्षण के राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर पटेल ने कहा कि महायुति सरकार आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “सरकार ने मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाया है। कांग्रेस और अन्य सभी दल कई वर्षों से सत्ता में हैं। मराठों के लिए आरक्षण का सवाल कल का है, आज का नहीं… यह बहुत पुराना है। यह समुदाय वर्षों से आरक्षण की मांग कर रहा है।”
पटेल ने कहा, “महाराष्ट्र में तीनों दल एक महागठबंधन (महायुति) के रूप में काम कर रहे हैं और महाराष्ट्र में इस चुनाव का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद महायुति अगली सरकार बनाएगी।”
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