अभिनेत्री काजल अग्रवाल किसी पहचान की मुहताज नहीं हैं। काजल को बॉलीवुड, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम कर अपने अभिनय का लोहा मनवाते देखा जा चुका है। वहीं, अब अभिनेत्री अपने हालिया बयान की वजह से सुर्खियों में आ गई हैं। काजल ने स्वीकार किया है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की तुलना में साउथ में चीजें काफी अलग हैं। उनका कहना है कि महिला कलाकार अब भी साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उस प्रणाली को बदलने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं, जिसके तहत शादी करने या मां बनने के बाद उन्हें मजबूत भूमिकाएं नहीं मिल पा रही हैं।
‘गलाट्टा प्लस’ के साथ एक इंटरव्यू में काजल ने स्वीकार किया कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काफी अंतर है। अभिनेत्री को बताया गया कि कैसे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शादी के बाद भी दीपिका पादुकोण को ‘फाइटर’ में एक दमदार किरदार और आलिया भट्ट को ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में एक रोमांटिक भूमिका की पेशकश की गई, जो कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बेहद कम ही देखने को मिलता है।
जानकारी हो कि काजल अपनी नवीनतम फिल्म ‘सत्यभामा’ में एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभा रही हैं। वहीं, इस सवाल पर अभिनेत्री का कहना है, ‘हमारे बीच अभी भी थोड़ी-बहुत रूढ़िवादिता जुड़ी हुई है। मैं उम्मीद कर रही हूं कि हम जल्द ही इससे छुटकारा पा लेंगे। मुझे यह भी लगता है कि अब नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों की शादी हो चुकी है और उनके बच्चे भी हैं।’ काजल ने इस बात पर भी जोर दिया कि फिल्म निर्माताओं के रूप में, उन्हें आगे बढ़ने और अपने दर्शकों के लिए ऐसी कहानियां पेश करने की जरूरत है जहां महिलाओं को विभिन्न भागों में देखा जा सके। दर्शकों को दोष न देते हुए काजल ने स्वीकार किया कि वे इसके लिए तैयार हैं लेकिन कलाकारों को इसमें शामिल होने की जरूरत है।
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