दिल्ली के एयर फोर्स पब्लिक स्कूल के पूर्व छात्र निकेश अरोड़ा की सैलरी 12608871950.50 रुपये हो गई है। इतनी सैलरी पैकेज पाने वाले निकेश दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं। भारतीय मूल के निकेश अरोड़ा ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल की 2023 की अमेरिका में सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया। अरोड़ा का कुल कंप्नसेशन 151.43 मिलियन डॉलर (12608871950.50 रुपये) तक पहुंच गया। इसमें उनके स्टॉक ऑप्शन का बड़ा योगदान है। अरोड़ा पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में उच्च आय वालों के बीच भारतीय मूल के अधिकारियों की मजबूत उपस्थिति पर प्रकाश डाला गया है। टॉप 500 में भारतीय मूल के 17 लोगों ने जगह बनाई है। इसमें एडोब के शांतनु नारायण भी हैं, जो 11वें नंबर पर हैं।
निकेश अरोड़ा का सफर
Google के चीफ बिजनेस ऑफिसर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रमुखता से उभरे। 2014 में Google छोड़ने के बाद, उन्होंने रिकॉर्डतोड़ कंप्सेशन पैकेज के साथ जापान में सॉफ्टबैंक का नेतृत्व करके सुर्खियां बटोरीं। 2018 से वह एक साइबर सिक्योरिटी फर्म पालो ऑल्टो नेटवर्क्स की कमान संभल रहे हैं।
सैलरी पैकेज में कंपनी के शेयर का भी विकल्प चुनने से भारत में जन्मे और पले-बढ़े नारायण ने 44.93 मिलियन डॉलर कमाए। दिलचस्प बात यह है कि नारायण की तरह ही टेस्ला के एलन मस्क और अल्फाबेट के सुंदर पिचाई (भारत में जन्मे) जैसे टेक दिग्गजों ने 2023 में गैर-पारंपरिक compensation structures का विकल्प चुना। मस्क को कोई कंप्सेशन नहीं मिला। सुंदर पिचाई को बहुत अधिक तो नहीं, लेकिन 8.80 मिलियन डॉलर ही कमाए। मेटा के मार्क जुकरबर्ग को 24.40 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
कौन है पहले नंबर पर
ब्रॉडकॉम के हॉक टैन 162 मिलियन डॉलर की कमाई के साथ इस लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। कई अन्य भारतीय-अमेरिकी सीईओ ने भी इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई। संजय मल्होत्रा (माइक्रोन टेक्नोलॉजी), अजय गोपाल (एनसिस) और रेशमा केवलरमानी (वर्टेक्स फार्मास्यूटिकल्स) को टॉप-120 में स्थान दिया गया। रिपोर्ट में अरविंद कृष्णा (आईबीएम), बद्रीनारायणन, कोठंडारमन (एनफेज एनर्जी), संजीव लांबा (लिंडे) की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया।
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