सर्दियों के मौसम में बच्चों को ठंड से बचाना हर माता-पिता की प्राथमिकता होती है। गरम कपड़े, स्वेटर और जाकेट पहनाकर बच्चे को ठंड से बचाना आमतौर पर देखा जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा कपड़े पहनाना या ओवर ड्रेसिंग बच्चों की सेहत और विकास के लिए हानिकारक हो सकती है।
ओवर ड्रेसिंग से बच्चों पर असर
बॉडी टेम्परेचर पर असर
जब बच्चे को जरूरत से ज्यादा कपड़े पहनाए जाते हैं, तो उनकी बॉडी की प्राकृतिक हीट रगुलेशन प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इससे शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रहता और पसीना अधिक आता है।
पाचन और ग्रोथ पर असर
ओवर ड्रेसिंग से शरीर का रक्त संचार प्रभावित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पाचन तंत्र और ग्रोथ हार्मोन के सही कामकाज में रुकावट डाल सकता है। लंबे समय तक यह आदत बच्चों की सामान्य विकास दर को प्रभावित कर सकती है।
त्वचा की समस्याएं
बहुत ज्यादा कपड़े पहनने से त्वचा पर पसीना जमता है। इससे रैशेज, खुजली और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
स्वस्थ इम्यून सिस्टम पर असर
हवा और हल्की ठंड के संपर्क से बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होती है। ओवर ड्रेसिंग से यह प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित होती है और बच्चों को वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट की सलाह
लेयरिंग का सही तरीका अपनाएं
सर्दियों में बच्चों को हल्के कपड़ों की लेयरिंग करें। जैसे कॉटन की टी-शर्ट के ऊपर स्वेटर या हल्का जैकेट। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्वेटर डाल सकते हैं, लेकिन हमेशा बच्चे की गतिविधियों और तापमान के अनुसार कपड़े एडजस्ट करें।
बच्चों की प्रतिक्रिया देखें
बच्चे बार-बार अपने कपड़े उतारना चाहें या पसीने से चिपक रहे हों, तो समझ जाएं कि कपड़े ज्यादा हैं। बच्चों की बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना जरूरी है।
कपड़े का मटीरियल महत्वपूर्ण
कॉटन और सूती कपड़े हवा और पसीने को सोखते हैं। वूलन और सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल तभी करें जब तापमान बहुत कम हो।
बाहरी गतिविधियों में हल्का ओवरकोट पर्याप्त
यदि बच्चे खेलकूद कर रहे हैं, तो हल्के जैकेट या स्वेटर पर्याप्त हैं। घर के अंदर ज्यादा कपड़े पहनाने से बचें।
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