प्रियंका-महेश की ‘वाराणसी’ फंसी मुश्किल में! टाइटल डिस्प्यूट से राजामौली को झटका, TFCC में केस”

साउथ सिनेमा के जादूगर एसएस राजामौली की आगामी महाकृति ‘वाराणसी’ अभी लॉन्च ही हुई थी कि विवादों का घेरा तंग हो गया है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे सितारों से सजी इस 1300 करोड़ बजट वाली एक्शन-एडवेंचर फिल्म का टाइटल ही अब मुश्किल में फंस गया है। लॉन्च इवेंट के महज तीन दिन बाद एक छोटे प्रोड्यूसर ने दावा ठोंक दिया है कि ‘वाराणसी’ का टाइटल पहले से उनके नाम पर रजिस्टर्ड है। तेलुगु फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (TFCC) में शिकायत दर्ज कराने के बाद सवाल उठ रहा है – क्या राजामौली को फिल्म का नाम बदलना पड़ेगा? यह विवाद न सिर्फ प्रोजेक्ट को कानूनी पेचीदगियों में उलझा रहा है, बल्कि 2027 की रिलीज से पहले ही बजट और शेड्यूल पर असर डाल सकता है।

फिल्म का ग्रैंड लॉन्च 15 नवंबर को हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुआ, जहां राजामौली ने टीजर रिवील करते हुए कहा था, “यह फिल्म एक एपिक जर्नी है, जो वाराणसी की पवित्रता और एक्शन की उग्रता को जोड़ती है।” टीजर में महेश बाबू का इंटेंस लुक, प्रियंका का ग्लैमरस अवतार और पृथ्वीराज का मिस्ट्रीअस कैरेक्टर देखकर फैंस दीवाने हो गए। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर बीटीएस शेयर करते हुए तेलुगु लाइन्स प्रैक्टिस की वीडियो पोस्ट की, जो वायरल हो गई। लेकिन खुशी ज्यादा टिकी नहीं। लॉन्च के बाद राम ब्रह्मा हनुमान क्रिएशंस के मालिक सीएच सुब्बा रेड्डी ने TFCC में शिकायत की कि उन्होंने ‘वारा नासी’ (Vaaranasi) टाइटल 2018 में ही रजिस्टर्ड कराया था। राजामौली की टीम ने स्पेलिंग ‘वाराणसी’ (Varanasi) इस्तेमाल की, लेकिन रेड्डी का दावा है कि यह वैरिएंट भी उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।

TFCC अब मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अगर चैंबर राजामौली के पक्ष में फैसला नहीं देता, तो नाम बदलना पड़ सकता है। यह फिल्म का पहला बड़ा झटका है। पहले ही लॉन्च इवेंट पर राजामौली के हनुमान वाले कमेंट्स पर राष्ट्रीय वानर सेना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें ‘हिंदू देवताओं का अपमान’ का आरोप लगाया गया। राजामौली ने कहा था, “मैं भगवान में विश्वास नहीं करता, लेकिन मेरे पिता ने कहा हनुमान मेरी पीठ पर हैं। इससे गुस्सा आया।” यह विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ कि टाइटल डिस्प्यूट ने आग में घी डाल दिया।

फिल्म का बजट 1300 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो ‘बाहुबली’ (1800 करोड़) और ‘आरआरआर’ (550 करोड़) से भी बड़ा है। प्रोड्यूसर केएल नारायण ने राजामौली को फुल फ्रीडम दी है – कोई फीस नहीं, बल्कि प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल। महेश बाबू को सालाना सैलरी मिल रही है, क्योंकि शूटिंग 2-3 साल चलेगी। प्रियंका, जो हॉलीवुड में व्यस्त हैं, ने कहा, “राजामौली के साथ काम करना सपना है। यह फिल्म ग्लोबल ऑडियंस को टारगेट करेगी।” लेकिन अब नाम बदलने से प्रमोशनल मटेरियल, टीजर और मर्चेंडाइज पर असर पड़ेगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि टाइटल डिस्प्यूट आम हैं, लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए दुर्लभ। बॉलीवुड में ‘राम-लखन’ या ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसे केसेज हुए, लेकिन साउथ में TFCC का फैसला फाइनल होता है।

फैंस सोशल मीडिया पर #SaveVaranasiTitle ट्रेंड चला रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “राजामौली की फिल्म का नाम बदलना तो सपनों पर प्रहार है!” वहीं, रेड्डी ने कहा, “मैं छोटा प्रोड्यूसर हूं, लेकिन राइट्स मेरा है। बातचीत से सुलझेगा।” राजामौली ने अभी चुप्पी साधी है, लेकिन उनके स्पोक्सपर्सन ने कहा, “हम कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। फिल्म की विजन पर असर नहीं पड़ेगा।”

यह विवाद साउथ सिनेमा की ग्रोथ को हाईलाइट करता है, जहां बजट अब हॉलीवुड लेवल पर पहुंच चुका है। ‘वाराणसी’ 2027 में मल्टी-लैंग्वेज रिलीज होगी, लेकिन पहले यह टाइटल बैटल जीतनी होगी। प्रियंका और महेश के फैंस इंतजार में हैं – क्या नाम बदलेगा या बचेगा? TFCC का फैसला जल्द आएगा, जो इस महाकाव्य को नई दिशा दे सकता है।

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