क्या फिजिक्सवाला ग्रोव जैसा धमाल मचाएगा? एक्सपर्ट्स की होल्ड-सेल जंग

एडटेक सेक्टर में एक और धमाकेदार लिस्टिंग ने निवेशकों के दिलों में उम्मीदें जगाई हैं। अलख पांडे की फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) ने सोमवार को अपने IPO के बाद शेयर बाजार में जोरदार एंट्री मारी, जहां शेयर NSE पर 33% प्रीमियम के साथ 145 रुपये पर लिस्ट हुए। दिन के अंत तक यह 42% ऊपर पहुंचकर 155.24 रुपये पर बंद हुआ, जिससे IPO मूल्य 109 रुपये से निवेशकों को तगड़ा मुनाफा हुआ। लेकिन अब सवाल उठ रहा है – क्या यह शेयर ग्रोव (Billionbrains Garage Ventures) की तरह 94% ऊपर चढ़कर 194 रुपये तक पहुंचेगा? एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है: शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुक करें, जबकि लॉन्ग टर्म में होल्ड करने वालों को सतर्क रहने की सलाह।

फिजिक्सवाला का IPO 11-13 नवंबर के बीच खुला था, जो कुल 3,480 करोड़ रुपये जुटाने वाला था – जिसमें 3,100 करोड़ फ्रेश इश्यू और 380 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल थे। यह एडटेक सेक्टर का पहला बड़ा IPO था, जो 1.92 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल कैटेगरी में 1.14 गुना, QIB में 2.86 गुना और NII में 0.51 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लिस्टिंग से पहले महज 14 रुपये (12.84%) था, लेकिन लिस्टिंग पर यह उम्मीदों से कहीं ज्यादा चढ़ा। कंपनी की मार्केट कैप अब 25,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है। अलख पांडे ने लिस्टिंग के बाद कहा, “यह हमारे छात्रों की जीत है। हम हाइब्रिड मॉडल से आगे बढ़ेंगे।”

फिजिक्सवाला की ताकत इसके मजबूत ब्रांड रिकॉल, किफायती टेस्ट-प्रेप कोर्सेज और हाइब्रिड लर्निंग मॉडल में है। यूट्यूब चैनल से शुरू हुई यह कंपनी अब JEE, NEET, UPSC और राज्य स्तर के एग्जाम्स के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, PW Pathshala सेंटर्स और हाइब्रिड सेंटर्स चला रही है। FY24 में रेवेन्यू 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जो पिछले साल से 40% ऊपर है। कंपनी प्रॉफिटेबल भी है, जो सेक्टर में दुर्लभ है। IPO की कमाई से ऑफलाइन एक्सपैंशन, टेक्नोलॉजी अपग्रेड, क्लाउड कैपेसिटी और मार्केटिंग पर फोकस होगा।

लेकिन एक्सपर्ट्स उत्साह के बीच सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। मास्टरट्रस्ट के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा, “लिस्टिंग मजबूत रही, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक कमजोर है। IPO अलॉटमेंट वाले निवेशक मौजूदा लेवल पर प्रॉफिट बुक कर लें।” स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की शिवानी न्याटी ने ET को बताया, “कंपनी का ब्रांड स्ट्रॉन्ग है, लेकिन बड़े कॉम्पिटिटर्स (जैसे बायजूज, उन्नाकेडमी), रेगुलेटरी अनिश्चितता और प्रॉफिटेबिलिटी प्रेशर रिस्क हैं। शॉर्ट टर्म में होल्ड करें, लेकिन नई खरीदारी से बचें।” इनक्रेड इक्विटीज ने ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी, कहा कि EV/सेल्स मल्टीपल 10.7x पर वैल्यूएशन स्ट्रेच्ड है, लेकिन रीजनल एक्सपैंशन और हाइब्रिड मॉडल से स्टेडी मार्जिन मिल सकते हैं। एसबीआई सिक्योरिटीज ने न्यूट्रल व्यू रखा – पोस्ट-लिस्टिंग परफॉर्मेंस देखें।

ग्रोव की तुलना में फिजिक्सवाला का IPO ज्यादा सब्सक्राइब्ड था, लेकिन ग्रोव का शेयर लिस्टिंग के बाद 94% ऊपर चढ़ा क्योंकि फिनटेक सेक्टर में ग्रोथ हाइप ज्यादा है। फिजिक्सवाला के केस में एडटेक की वैल्यूएशन प्रेशर (पोस्ट-COVID सुधार) और कॉम्पिटिशन चिंता का विषय है। मनीकंट्रोल के अनुसार, अगर कंपनी रीजनल एक्सपैंशन से मार्जिन सुधारती है, तो लॉन्ग टर्म क्रेडिबिलिटी बनेगी। लेकिन वोलेटिलिटी के लिए तैयार रहें।

निवेशकों के लिए सलाह साफ है: IPO अलॉटमेंट वाले प्रॉफिट लॉक करें, नए निवेशक वेट एंड वॉच। एडटेक सेक्टर में फिजिक्सवाला का डेब्यू माइलस्टोन है, लेकिन सस्टेनेबल ग्रोथ ही असली टेस्ट होगी। क्या यह ग्रोव की तरह उड़ान भरेगा? बाजार के अगले कदम ही बताएंगे।

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