क्या आपके हाथ या पैर अक्सर सुन्न हो जाते हैं? क्या झनझनाहट या सुई चुभने जैसी अनुभूति होती है? कई लोग इसे मामूली थकान या गलत मुद्रा का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होना कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। समय रहते इन संकेतों को पहचानना जरूरी है, वरना स्थिति बिगड़ सकती है।
क्यों होते हैं हाथ-पैर सुन्न?
सामान्यतः लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या लेटने से नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है। यह कुछ समय बाद खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। लेकिन अगर ये लक्षण बार-बार और बिना कारण हो रहे हैं, तो सावधान हो जाइए।
ये हो सकती हैं खतरनाक बीमारियां:
1. डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy)
मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों में हाई ब्लड शुगर के कारण नसें कमजोर हो जाती हैं। इससे हाथ-पैरों में सुन्नपन और झनझनाहट होती है। इसे अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।
2. सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
गर्दन की नसों में दबाव आने से हाथों में सुन्नपन और कमजोरी हो सकती है। यह बीमारी ज्यादा देर मोबाइल या कंप्यूटर पर झुके रहने वालों में आम होती जा रही है।
3. स्लिप डिस्क या रीढ़ की समस्या
कमर या रीढ़ की हड्डी की नस दबने से पैरों में सुन्नपन और चलने में कठिनाई हो सकती है। इसे तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
4. विटामिन B12 की कमी
इस जरूरी विटामिन की कमी से नसें कमजोर हो जाती हैं और झनझनाहट शुरू हो जाती है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो कमजोरी बढ़ सकती है।
5. थायरॉयड रोग (Hypothyroidism)
हाइपोथायरॉयडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और नसों पर असर पड़ता है, जिससे हाथ-पैर सुन्न हो सकते हैं।
अन्य संभावित कारण:
- नसों में रक्त प्रवाह की कमी (Blood Circulation Problem)
- नसों पर चोट या संक्रमण
- अत्यधिक शराब या नशे का सेवन
- ब्रेन स्ट्रोक (यदि सुन्नपन के साथ बोलने में कठिनाई हो तो)
क्या करें?
- सावधानी: झनझनाहट बार-बार हो तो नजरअंदाज न करें।
- जांच: ब्लड टेस्ट, विटामिन B12 स्तर, शुगर लेवल और नसों की जांच कराएं।
- सही पोषण: विटामिन्स, प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर भोजन लें।
- नियमित व्यायाम: ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और नसें मजबूत बनती हैं।
- मेडिकल सलाह: बार-बार सुन्नपन हो तो न्यूरोलॉजिस्ट से मिलें।
हाथ-पैरों का बार-बार सुन्न पड़ना शरीर का अलार्म है, जिसे नजरअंदाज करना बड़ी बीमारियों को न्योता देने जैसा है। सही समय पर जांच और उपचार से आप इन रोगों से बच सकते हैं और अपनी नसों को मजबूत रख सकते हैं।
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