आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले 750 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स ऐंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) का आयुष एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन मिल गया है। लाभार्थियों को गुणवत्तापरक और मानकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के मकसद से विशेष पहल की गई है, जिसके आरंभिक चरण में लक्षित 1000 में से 750 केंद्रों को अब तक प्रमाणित किया जा चुका है।
आयुष मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि आयुष मंत्रालय देश के दूर-दराज के इलाकों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में, मंत्रालय ने हाल ही में एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 1000 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन कराना है। अभियान के आरंभिक चरण में सितंबर 2024 तक लक्षित 1000 में से 750 केंद्रों को अब तक प्रमाणित किया जा चुका है।
आयुष मंत्रालय ने बताया कि गुणवत्ता परिषद भारत के साथ साझेदारी की गई है, जिससे कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर को एनएबीएच आयुष एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन प्राप्त हो सके। इसके साथ आयुष मंत्रालय ने बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया है। बुजुर्गों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जून से सितंबर तक पूरे देश में 10,000 जराचिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और उन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, ऑस्टियोआर्थराइटिस, हर्निया, प्रोस्टेट, त्वचा और आंखों से संबंधित बीमारियों जैसी पुरानी बीमारियों से संबंधित सलाह दी जा रही। साथ ही उन्हें उनके आहार और दवाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इन शिविरों के आयोजन के लिए एक विशेष पोर्टल भी बनाया गया है और अब तक 9,673 केंद्रों ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें से 2957 शिविर पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं।
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