उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक किराए के साधारण मकान से शुरू हुई साजिश ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट के मास्टरमाइंड के रूप में गिरफ्तार डॉक्टर आदिल अहमद राठौर की जिंदगी पर से पर्दा उठ रहा है। उनके पड़ोसी मोहम्मद पैगाम ने टीवी9 भारतवर्ष को दिए बयान में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं – आदिल कुछ महीनों पहले ही बाबू विहार की कच्ची कॉलोनी में किराए पर आया था, आसपास के लोगों से न तो बात करता था और न ही कोई मतलब रखता था। लेकिन रात के अंधेरे में उसके घर पर रोजाना 7-8 संदिग्ध लोग मिलने आते थे, जो अब खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं। यह खुलासा न सिर्फ जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के डॉक्टरों के नेटवर्क को उजागर कर रहा है, बल्कि दिल्ली ब्लास्ट की साजिश को गहराई दे रहा है।
पैगाम ने बताया कि आदिल का मकान रशीदिया मस्जिद वाली गली में है, जहां मुस्लिम आबादी और स्टूडेंट्स की बहुलता है। “वो इंसान अकेला रहता था, लेकिन रात को दरवाजे पर हलचल रहती। बाहर से आने वाले लोग चुपके से घुसते और घंटों बातें करते। कभी-कभी कश्मीरी जैसी भाषा सुनाई देती, लेकिन कोई समझ नहीं पाता था।” पैगाम के मुताबिक, आदिल ने इस इलाके को इसलिए चुना ताकि उसकी गतिविधियों पर शक न हो। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की कि ये मीटिंग्स गुप्त बैठकों का केंद्र थीं, जहां JeM के प्लान पर चर्चा होती। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 6 नवंबर को आदिल को गिरफ्तार किया था, और फरीदाबाद से सह-आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद को भी पकड़ा गया। मुजम्मिल के पास से विस्फोटक बरामद हुए, जबकि जम्मू से AK-47 राइफलें मिलीं।
आदिल के अस्पताल के साथी डॉक्टर बाबर ने आज तक को दिए इंटरव्यू में और राज खोले। “आदिल बहुत पढ़ा-लिखा था, लेकिन व्यवहार में अलग। वो अक्सर फोन पर कश्मीरी में बात करता, जो सबके सामने होता लेकिन कोई समझ नहीं पाता। हाल ही में कश्मीर में हुई उसकी शादी में भी सिर्फ मुस्लिम डॉक्टरों को बुलाया, अस्पताल डायरेक्टर मनोज मिश्रा को नहीं।” बाबर ने कहा कि गिरफ्तारी की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। एजेंसियां स्टाफ से आदिल के व्यवहार, संदिग्ध मुलाकातों और फोन कॉल्स पर पूछताछ कर रही हैं। एक अन्य सहकर्मी ने बताया कि आदिल श्रीनगर में JeM समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोपी था, और उसके फोन से एन्क्रिप्टेड टेलीग्राम ग्रुप्स के लिंक मिले।
यह नेटवर्क डॉक्टरों का हाइब्रिड मॉड्यूल है, जहां लखनऊ की डॉक्टर शाहीन सईद (JeM की महिला विंग हेड) और कानपुर के डॉक्टर आरिफ (लेडी टेररिस्ट हैंडलर) जैसे नाम शामिल हैं। दिल्ली ब्लास्ट 6 दिसंबर को बाबरी बरसी पर कई शहरों में धमाकों की साजिश का हिस्सा था, लेकिन मुजम्मिल की गिरफ्तारी से प्लान विफल हो गया। एनआईए, आईबी, एटीएस और हरियाणा पुलिस ने सहारनपुर में डेरा डाल लिया है। तीन संदिग्धों – एक महिला सहित – को हिरासत में लिया गया है, और उनके मोबाइल, CDR व बैंक डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद इसका सेंटर था, जहां 32 कारों से धमाकों की प्लानिंग हुई।
सोशल मीडिया पर #DoctorTerrorist ट्रेंड कर रहा है। एक यूजर ने लिखा, “डॉक्टर बनकर देश को मारने की साजिश? ये JeM का नया हथियार है।” विपक्ष ने केंद्र सरकार से सवाल किए कि कैसे ऐसे नेटवर्क फल-फूल रहे। गृह मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है, और जम्मू-कश्मीर में सोपोर जैसे इलाकों में ऑपरेशन तेज हो गए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्लीपर सेल का खुलासा है, जहां पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स रेडिकलाइजेशन का जरिया बन रहे। आदिल की गिरफ्तारी से 8 आरोपी पकड़े गए, लेकिन फरार निसार जैसे नामों की तलाश जारी है।
क्या यह नेटवर्क का अंत है या सिर्फ शुरुआत? एजेंसियां मानती हैं कि सहारनपुर जैसे इलाकों में और स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं। पड़ोसी पैगाम का बयान – “रात की वो महफिलें अब डरावनी लगती हैं” – पूरे मामले की भयावहता बयां करता है। देश की सुरक्षा के लिए यह चेतावनी है कि खतरा अब घर के अंदर है।
यह भी पढ़ें:
शिव थाकरे के मुंबई घर में भीषण आग: एक्टर सेफ, लेकिन घर को भारी नुकसान – फैंस परेशान
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check