सर्दियों के मौसम में दिन छोटे और धूप कम होने के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन डी की कमी सिर्फ हड्डियों की कमजोरी नहीं लाती, बल्कि यह इम्यून सिस्टम, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की ऊर्जा पर भी असर डाल सकती है।
विटामिन डी की कमी के लक्षण
शरीर में लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
हड्डियों और जोड़ों में दर्द या कमजोरी
बालों का झड़ना और त्वचा की समस्याएँ
बार-बार सर्दी, खांसी या संक्रमण होना
विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों में अधिकतर लोग घर के अंदर रहते हैं और धूप से पूरी तरह वंचित रहते हैं। यह आदत विटामिन डी की कमी को और बढ़ा देती है।
विटामिन डी से भरपूर आहार
सूरजमुखी का तेल और फैटी फिश
सैल्मन, मैकेरल, सर्दियों में उपलब्ध सरडीन जैसी मछलियाँ विटामिन डी का अच्छा स्रोत हैं। इसके अलावा सूरजमुखी के तेल का उपयोग भी लाभकारी होता है।
डेयरी उत्पाद
दूध, दही, पनीर और घी में भी विटामिन डी होता है। रोजाना इन्हें अपनी डाइट में शामिल करना हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
अंडा और कच्चा हड्डी वाला मांस
अंडे की जर्दी में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। साथ ही, हड्डी वाले मांस और हड्डी का सूप भी विटामिन डी की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
मशरूम और अन्य फंगस
धूप में उगे मशरूम में विटामिन डी की मात्रा प्राकृतिक रूप से अधिक होती है। इसे सूप या सब्जी के रूप में रोजाना खाया जा सकता है।
अन्य fortified foods
कुछ ब्रांडेड अनाज और जूस में विटामिन डी fortify किया जाता है। इन्हें भी अपनी डाइट में शामिल करना सहायक होता है।
सूरज की रोशनी से मिलेगा प्राकृतिक विटामिन डी
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संभव हो तो सुबह के समय 15-20 मिनट सूरज की रोशनी में रहना चाहिए। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन डी प्रदान करता है और मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है।
सावधानियां
विटामिन डी की अधिक मात्रा लेना भी हानिकारक हो सकता है। इसलिए सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
घर में बैठकर ही पूरी मात्रा में विटामिन डी प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए आहार और हल्की धूप का संतुलित मिश्रण अपनाएं।
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