राजकोट के मधेसरिया ग्राउंड पर मंगलवार को खेले गए इंडिया ए और साउथ अफ्रीका ए के बीच तीसरे अनऑफिशियल वनडे मैच में भारतीय गेंदबाजों का बुरा हाल हो गया। साउथ अफ्रीका ए के दोनों ओपनर्स – 19 साल के उभरते सितारे रिवाल्डो मून्सामी और उनके साथी ल्हुआन-ड्रे प्रिटोरियस – ने मिलकर भारतीय गेंदबाजों की ऐसी धुनाई की कि स्कोरबोर्ड पर 300 रनों का पहाड़ खड़ा हो गया। मून्सामी ने 82 गेंदों पर नाबाद 118 रनों की आकाशीय पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 6 छक्के शामिल थे, तो प्रिटोरियस ने 94 गेंदों पर 110 रनों का धमाका किया। इस 228 रनों की सलामी जोड़ी ने न सिर्फ मैच का रुख मोड़ दिया, बल्कि सीरीज में साउथ अफ्रीका ए को 2-1 से आगे करा दिया। भारतीय टीम के कप्तान तिलक वर्मा और गेंदबाजी आक्रमण – जिसमें युवा स्पिनर और पेसर्स शामिल थे – को यह सब कुछ देखते रहना पड़ा, जो युवा क्रिकेटरों के लिए एक कड़वा सबक साबित हुआ।
मैच की शुरुआत साउथ अफ्रीका ए के लिए परफेक्ट रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ओपनर्स ने पहले ही विकेट के बाद आक्रमण की कमान संभाल ली। मून्सामी, जो साउथ अफ्रीका के डोमेस्टिक क्रिकेट में ‘फ्यूचर स्टार’ के नाम से मशहूर हैं, ने अपनी उम्र को झुठला दिया। 19 साल के इस बल्लेबाज ने भारतीय गेंदबाजों – विशेष रूप से मध्यम गति के गेंदबाजों – को सीमा रेखा के पार भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनका शतक 72वें गेंद पर पूरा हुआ, जब उन्होंने लेग स्पिनर पर एक स्वीट कवर ड्राइव के साथ चौका जड़ा। प्रिटोरियस, जो मून्सामी से थोड़े अनुभवी हैं, ने मध्य overs में रोटेशन ऑफ स्ट्राइक का कमाल दिखाया। दोनों ने मिलकर 200 रनों की साझेदारी निभाई, जो इस सीरीज का हाइलाइट रही। साउथ अफ्रीका ए ने 50 ओवरों में 7 विकेट पर 348 रन ठोके, जिसमें मून्सामी और प्रिटोरियस की जोड़ी का योगदान 228 रन रहा।
भारतीय गेंदबाजों के लिए यह दिन काला साबित हुआ। युवा पेसर वासु वत्स और स्पिनर साई किशोर ने शुरुआती विकेट तो लिए, लेकिन ओपनर्स के आक्रमण के आगे बेबस नजर आए। वत्स ने 8-0-68-1 का आंकड़ा बनाया, तो किशोर को 10-0-72-0 मिला। कप्तान तिलक वर्मा ने बाद में कहा, “हमारी गेंदबाजी में लाइन-लेंथ गड़बड़ा गई। ये दो युवा बल्लेबाज फॉर्म में थे, और हमने उन्हें सेटल होने का मौका दे दिया। यह सीरीज हमें सिखा रही है कि घरेलू सरजमीं पर भी चुनौतियां आ सकती हैं।” जवाब में इंडिया ए 265 रनों पर सिमट गई, जिसमें तिलक ने 52 और साई सुदर्शन ने 48 रनों की पारी खेली। साउथ अफ्रीका ए ने 83 रनों से मैच जीत लिया, और सीरीज पर कब्जा जमा लिया।
रिवाल्डो मून्सामी का यह शतक खास इसलिए भी है क्योंकि यह उनकी सीरीज का दूसरा टन था। पहले दो मैचों में उन्होंने 185 रनों की औसत से 185 रन बनाए थे – एक शतक और एक अर्धशतक। 19 साल की उम्र में ऐसा प्रदर्शन साउथ अफ्रीका के लिए एक नया सवेरा ला रहा है। प्रिटोरियस ने भी अपनी पारी में 10 चौके और 4 छक्के लगाए, जो उनकी आक्रामकता का प्रमाण है। यह मैच अनऑफिशियल होने के बावजूद सीनियर टीमों के लिए एक आईना है, खासकर जब साउथ अफ्रीका की सीनियर टीम ने हाल ही में कोलकाता टेस्ट में भारत को हराया था। विशेषज्ञों का मानना है कि मून्सामी जैसे युवा जल्द ही सीनियर टीम में जगह बना लेंगे।
इस सीरीज से इंडिया ए को सबक मिला है। युवा गेंदबाजों को अब ज्यादा ड्रिल्स और वैरिएशन पर काम करने की जरूरत है। BCCI के एक अधिकारी ने कहा, “यह हार हमें मजबूत बनाएगी। अगली सीरीज में हम सुधार लाएंगे।” फैंस सोशल मीडिया पर #MoonsamyMagic ट्रेंड कर रहे हैं, जहां एक यूजर ने लिखा, “19 साल का लड़का भारतीय गेंदबाजों को सिखा रहा है क्रिकेट!” कुल मिलाकर, यह मैच साबित करता है कि क्रिकेट में उम्र मायने नहीं रखती – प्रतिभा ही राज करती है। साउथ अफ्रीका ए की यह जीत उनके युवा दस्ते की ताकत दिखाती है, जबकि भारत को अब कड़ी मेहनत की जरूरत है।
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