अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए आयात टैरिफ नियमों में रूस और उत्तर कोरिया को छूट मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब इस पर व्हाइट हाउस ने सफाई देते हुए कहा है कि इन दोनों देशों पर पहले से ही कड़े प्रतिबंध लागू हैं, इसलिए उन्हें अतिरिक्त टैरिफ से छूट दी गई है।
🔍 पहले से लगे प्रतिबंध हैं कारण: व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि रूस, उत्तर कोरिया, क्यूबा और बेलारूस जैसे देशों पर काफी कठोर आर्थिक प्रतिबंध पहले से ही लागू हैं। अमेरिका का इन देशों से व्यापार भी बहुत सीमित है। ऐसे में नए टैरिफ लगाने से कोई खास असर नहीं होता, इसलिए इन्हें नए नियमों से बाहर रखा गया।
❓ रूस-उत्तर कोरिया को क्यों मिली राहत?
2 अप्रैल को ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका में आयातित लगभग सभी उत्पादों पर 10% या उससे ज्यादा टैरिफ लागू किया जाएगा। इस फैसले के बाद दुनिया के कई देशों में नाराजगी देखी गई, लेकिन रूस और उत्तर कोरिया को इससे छूट मिलने पर सवाल उठने लगे।
🗣️ सफाई के बावजूद उठ रहे सवाल
हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है, लेकिन राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस जारी है। कुछ जानकारों का मानना है कि यह कदम रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जबकि कुछ इसे मौजूदा नीतियों का ही विस्तार मान रहे हैं।
🇺🇦 यूक्रेन को टैरिफ, रूस को छूट?
सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब यूक्रेन पर 10% का टैरिफ लगाया गया, जबकि रूस को छूट दी गई। ऐसे में अमेरिका के अंदर और बाहर से ट्रंप प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं।
🏛️ ट्रेजरी सेक्रेटरी की चेतावनी
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट ने बयान देते हुए अन्य देशों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश पलटवार करते हैं, तो इससे वैश्विक व्यापार युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस नीति को लेकर असंतोष साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन व्हाइट हाउस की दलील यही है कि छूट दी गई है, न कि विशेषाधिकार।
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